इस बड़े Bank ने 3 अधिकारियों को दिखाया बाहर का रास्ता, मिस-सेलिंग केस में उठाया सख्त कदम

इस बड़े Bank ने 3 अधिकारियों को दिखाया बाहर का रास्ता, मिस-सेलिंग केस में उठाया सख्त कदम

HDFC Bank Miss-selling Case

HDFC Bank Miss-selling Case

नई दिल्ली: HDFC Bank Miss-selling Case: भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, HDFC बैंक में इस समय एक बड़ा कॉर्पोरेट गवर्नेंस संकट खड़ा हो गया है. बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे के ठीक बाद बैंक ने अपने दुबई (DIFC) स्थित अंतरराष्ट्रीय शाखा के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया है.

चेयरमैन का इस्तीफा और 'नैतिक' चिंताएं

18 मार्च, 2026 को अतनु चक्रवर्ती ने अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया. उन्होंने अपने त्याग पत्र में बेहद गंभीर शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि बैंक के भीतर पिछले दो वर्षों से कुछ ऐसी 'घटनाएं और प्रथाएं' चल रही थीं, जो उनके निजी मूल्यों और नैतिकता के मेल नहीं खातीं. 1985 बैच के पूर्व IAS अधिकारी चक्रवर्ती का कार्यकाल 2027 तक था, लेकिन उनके बीच में ही छोड़ने से बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं.

दुबई शाखा में गड़बड़ी और अधिकारियों पर गाज

चेयरमैन के जाने के कुछ ही दिनों बाद, बैंक ने तीन बड़े अधिकारियों—संपत कुमार (ग्रुप हेड), हर्ष गुप्ता (एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट) और पायल मंध्यान को बर्खास्त कर दिया. इन पर दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर (DIFC) शाखा में ग्राहकों को जोड़ने के नियमों के उल्लंघन और गलत तरीके से निवेश उत्पाद बेचने (Mis-selling) का आरोप है.

क्रेडिट सुइस बॉन्ड का विवाद

मुख्य विवाद क्रेडिट सुइस के एडिशनल टियर-1 (AT-1) बॉन्ड की बिक्री से जुड़ा है. आरोप है कि बैंक के अधिकारियों ने NRI और रिटेल ग्राहकों को ये उच्च-जोखिम वाले बॉन्ड यह कहकर बेचे कि ये 'फिक्स्ड डिपॉजिट' की तरह सुरक्षित हैं और इनमें 'पक्का रिटर्न' मिलेगा. जबकि असलियत में AT-1 बॉन्ड बेहद जोखिम भरे होते हैं, जिन्हें बैंक के डूबने पर पूरी तरह खत्म (Write-off) किया जा सकता है. क्रेडिट सुइस के संकट के दौरान इन बॉन्ड की वैल्यू शून्य हो गई, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ.

रेगुलेटर की कार्रवाई

इन गड़बड़ियों के चलते दुबई के रेगुलेटर (DFSA) ने पिछले साल सितंबर में ही HDFC बैंक की दुबई शाखा पर नए ग्राहक बनाने पर रोक लगा दी थी. बैंक ने अब स्वीकार किया है कि उसकी आंतरिक जांच में 'गैप' पाए गए हैं और सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं.